Best Hindi Tips स्वयं में सुधार किस तरह लाएं

Best Hindi Tips स्वयं में सुधार किस तरह लाएं

कोचिंग आपको कॅरिअर में बदलाव के लिए तैयार करती है (हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू)

कोचिंग से आपके परफॉर्मेंस में तो सुधार होता ही है, आप संतुष्ट भी रहते हैं। आगे भी खुद में सुधार लाने को तैयार रहते हैं। फिर चाहे व्यवहार हो, विचार हो या दोनों हो। कॅरिअर में आगे बढ़ने के लिए खुद में बदलाव लाना जरूरी है। कोचिंग के फायदे आपको कैसे अलग करते हैं यहां जानिए…Hindi Tips

काम में प्रयोगशीलता के लिए हमेशा तैयार रहते हैं

अक्सर नए लीडर्स अपने लक्ष्य को पाने के लिए आगे तो बढ़ते हैं लेकिन वे एक ही रास्ते पर चलते रहते हैं, नया रास्ता अपनाने घबराते हैं, प्रयोग नहीं करना चाहते। कुछ नया ट्राय करने का मतलब होता है जोखिम लेना। कोचिंग रिस्क लेना सिखाती है। यह सिखाती है। कि काम करते हुए नए विचार, नए तरीके अपनाना बहुत जरूरी है।

1.लोगों को माफ कर आगे बढ़ना सीख जाते हैं

काम के दौरान अक्सर लीडर्स. के सामने ऐसी परिस्थिति बनती है जिसमें वे या तो वे खुद को हर हाल में सही साबित करने की कोशिश करते हैं या फिर बदला लेने के इरादे से काम करते हैं। कोचिंग से लीडर में यह समझ पैदा होती है कि बहस नहीं करना चाहिए, ना ही किसी बात पर अड़ना चाहिए। माफ करके आगे बढ़ना चाहिए।

2.किसी से सलाह लेने में हिचक महसूस नहीं करेंगे

आप अपने कोच के अलावा किसी भी अन्य काबिल सहकर्मी से बात करने में हिचक महसूस नहीं करेंगे। उनके साथ अपने लक्ष्य पर बात करेंगे, उनकी सलाह लेंगे, पूरी उत्सुकता के साथ उनकी बात को सुनेंगे, उसमें कोई त्रुटि तो उसे समझते हुए कंस्ट्रक्टिव फीडबैक को स्वीकार करते हुए उसपर काम भी करेंगे।

3.मुश्किल परिस्थितियों से निकलना सीख जाते हैं

अच्छी कोचिंग काम करने का तरीका बदल देती है। आप काम करने के नए तरीके सीख जाते हैं। काम के शुरुआती दौर में काफी हद तक यह संभव है कि आप समय-समय पर डर महसूस करें या भावनात्मक अड़चनों का सामना भी करें लेकिन कोचिंग की वजह से आप इन सब चीजों से आसानी से निपटना सीख जाएंगे।

4.हर बात के लिए खुद जिम्मेदार बनते हैं

अक्सर लीडर्स मुश्किल परिस्थितियों में परेशान हो जाते हैं और अपनी कमियां छिपाने के लिए आसपास के लोगों को दोष देने लगते हैं। संस्थान को दोष देकर, बॉस को दोषी ठहरा कर या अपनी जिम्मेदारियों को दोषी मानकर वे अपनी ही ग्रोथ में रुकावट पैदा करते हैं। कोचिंग लीडर्स को जिम्मेदारी लेना सिखाती है।