सफलता की कुंजी Safalta ki Kunji

वर्तमान में आप जिन छोटी-छोटी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, उनसे अपने भविष्य का आकलन न करें। तात्कालिक चिंताओं पर ध्यान केंद्रित न करके अपनी पुरानी सफलता के बारे में सोचें और यह भी कि आपने उसे किस तरह हासिल किया था। अपने किए सबसे मुश्किल कार्य याद करें। ब्रेक लें। इससे दिमाग रिफ्रेश होगा।

सफलता की राह में आने वाली बाधाओं पर इस तरह ध्यान दें

1. मन में शंका और अनिश्चितता न हो

विचार चुंबक की तरह होते हैं, जो अपने जैसी चीजों को आकर्षित करते हैं। आप मन में जो भी थामे हैं, उसके विपरीत कुछ उत्पन्न होने की संभावना नहीं है। आपका मानसिक नजरिया ही वह सांचा है, जो आपके जीवन को आकार देता है। आपको सफलता भी पहले मानसिक रूप से, बाद में भौतिक रूप से हासिल होती है। मन की शंका और अनिश्चितता दूर करें।

1) लोगों से सलाह लें, एक्शन प्लान बनाएं

समस्याओं और बाधाओं के सामने आने पर घबराएं नहीं। अपनी व्यक्तिगत शैली से प्रतिक्रिया दें। आप चाहें तो अपने आसपास मौजूद लोगों से भी सलाह ले सकते हैं। उनसे पूछें कि जिन समस्याओं का आप वर्तमान में सामना कर रहे हैं उन्हें बेहतर तरीके से किस तरह सुलझा सकते हैं। यदि आप नर्वस हो रहे हैं, तो एक एक्शन प्लान बनाने से भी शुरुआत की जा सकती है।

2) अपने कार्य के परिणाम का अनुमान लगाएं

परिस्थितियां चाहे जैसी भी क्यों न हों, कभी भी आवेग में आकर या भावनात्मक होकर कोई बड़ा फैसला न लें। हो सके तो अपनी पिछली असफलताओं से होने वाले नुकसान को भी ध्यान में रखें। खुद से कुछ सवाल करें कि वो क्या चीजें हो सकती हैं जिनके क्रियान्वयन के दौरान असफल होने की संभावना बहुत ज्यादा है? अपने द्वारा किए गए कार्य के परिणाम का अनुमान लगाने की भी कोशिश करें।

3) नकारात्मक बातों को नजरअंदाज करते रहें

बेवजह किसी पर आरोप न लगाएं। जहां तक हो सके नकारात्मक बातों पर फोकस करने से बचें। खुद को विक्टिम की तरह न देखें और अपनी हर गलती के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने से भी बचें। अपनी असफलताओं से भी सीख लें। वर्तमान परिस्थितियों को समझते हुए खुद से कुछ सवाल करें कि आप लोगों पर अपना प्रभाव छोड़ने के लिए क्या बेहतर कर सकते हैं।

4) अपनी टीम को मजबूत बनाने के प्रयास करें

जो कर्मचारी सख्त स्वभाव वाले लीडर के लिए काम करते हैं, वो समय के साथ पहल करना ही छोड़ देते हैं। फीडबैक देना बंद कर देते हैं। कई बार तो वो काम ही छोड़ देते हैं। बहुत जरूरी है कि आप अपनी टीम के साथ अपने लक्ष्य शेवर करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें सलाह भी दें। इस दौरान अपनी टीम को मजबूत और सशक्त बनाने की लगातार कोशिश भी करते रहें।

 

 

Source – Denik bhashker ( Harvard Business Review)